मंगल दोष पूजा


मंगल दोष क्या है?

मंगल दोष, जिसे मांगलिक दोष भी कहा जाता है, वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण योग है। यह तब बनता है जब मंगल ग्रह जन्म कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है। यह दोष विवाह जीवन में संघर्ष, तनाव, देरी या असंतोषजनक संबंध का कारण बन सकता है।
मंगल ग्रह को ऊर्जा, जुनून और आक्रामकता का कारक माना जाता है। जब यह अशुभ स्थिति में होता है, तो यह वैवाहिक जीवन में नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

मंगल दोष के प्रभाव

मंगल दोष से प्रभावित जातकों को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

मंगल दोष निवारण क्यों आवश्यक है?

मंगल दोष की शांति करवाने से वैवाहिक जीवन में सामंजस्य, सुख-शांति और स्थायित्व आता है। यह न केवल कुंडली के दोष को शांत करता है बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी व्यक्ति को सशक्त बनाता है।

मंगल दोष निवारण क्यों आवश्यक है?

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